शिल्प -ज्ञान विज्ञान अपरिमित,
इसके वर्णन का ना है पारावार ।
शिल्प गुरू भारत कहलाता था,
अभिनंदन करता नित संसार ।।
शिल्प देवता विश्वकर्मण अनुपम,
जिनकी महिमा है अथक अपार।
निशि दिन करते कवि जन वंदन,
हैं संसार सहित शिल्पी परिवार ।।
🙏चन्द्रगुप्त प्रसाद वर्मा “अकिंचन
चलभाष-9305988252






