महोली(सीतापुर) गुलरिहा स्थित सिद्धनाथ आश्रम पर आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव के अंतिम दिन रासलीला के दौरान कलाकारों ने दशावतार लीला का मनोहारी मंचन किया। भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं और दशावतार के दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम के अंतिम दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
लीला के दौरान सखाओं ने मां यशोदा से श्रीकृष्ण के मिट्टी खाने की शिकायत की। इस पर मां यशोदा ने श्रीकृष्ण का मुख खुलवाया। उनके मुख में गंगा, यमुना, सरस्वती सहित पर्वत, अनेक देवता और राक्षस दिखाई दिए। यह दृश्य देखकर मां यशोदा आश्चर्यचकित हो गईं।
इसके बाद मां यशोदा ने श्रीकृष्ण को वन में अकेले जाने से मना किया और कहा कि वन में बड़े-बड़े हाऊ रहते हैं, जो बच्चों को खा जाते हैं। श्रीकृष्ण ने कहा कि उन्होंने अनेक अवतार धारण किए हैं, लेकिन उन्हें कोई हाऊ दिखाई नहीं दिया। मां यशोदा ने उनसे अपने अवतार दिखाने को कहा। इस पर श्रीकृष्ण ने उन्हें दशावतार के दर्शन कराए।
लीला में गौ, ब्राह्मण, संत और पृथ्वी की रक्षा के लिए भगवान के मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम और श्रीराम सहित विभिन्न अवतारों का जीवंत मंचन किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
आयोजक राजकुमार कश्यप के साथ मनोज कश्यप, रितिक कुमार, गोलू यादव, गोविंद कश्यप, राजेश कश्यप, जयप्रकाश यादव, मन्नू कश्यप, रामसेवक कश्यप, नीरज कश्यप आदि मौजूद रहे।






