महोली (सीतापुर) तहसील क्षेत्र के अंतर्गत न जाने कितने किसान ऐसे हैं जिनको अभी भी सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है केवाईसी हो जाने के बाद फिर बैंक से फीडिंग का झंझट और उन्हें सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाता है वहीं तमाम किसान ऐसे भी हैं ।जिनकी जमीन पहले थी और उन्होंने स्टांप पेपर पर लिखकर अपनी जमीन बेच डाली उनको भी सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है ग्राम पंचायत गुजिया में एक मामला आया है यहां की रहने वाली साबिरा पत्नी शिफातुल्लाह जिनकी मौत कई वर्षो पूर्व हो गयी है।सिफतुल्लाह ने अपनी करीब दो बीघा जमीन प्लाटिंग करने के बाद बेच दी और स्टांप पर लिखा पड़ी कर दी खातों में वह अभी साबिरा के नाम चली आ रही है जबकि उसे पर मकान बने हुए करीब 30 वर्ष हो गए जब कुछ लोगों ने शिकायत की और क्षेत्रीय लेखपाल ने भी अपनी व्याख्या में यहां पर मकान बने होने की बात कही लेकिन राजस्व विभाग द्वारा भूमि है नहीं है सत्यापन नहीं किया जा रहा है इस तरफ तहसील स्तरीय अधिकारियों को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।






