जय हो! जय हो! जय हो!,श्रीराधा रानी की जय हो।
वृषभानु कुँवारी श्री राधिका,राधा रानी की जय हो।।
भादौं मास शुक्ल पक्ष,तिथि अष्टमी को जन्मीं राधा।
बरसाने के राजमहल में जन्मीं,राजकुमारी श्रीराधा।।
महाराज वृषभानु के आँगन,में खुशियाँ खूब मनाया।
ढ़ोल नगाड़े मृदंग शहनाई बजे,वृहद उत्सव मनाया।।
जय हो! जय हो ! जय हो !आपकी वृषभानु कुँवारी।
जय हो ! जय हो!आपकी,श्रीराधा वृषभानु दुलारी।।
प्रेम करें जिससे श्रीराधा जी,वह है श्रीकृष्ण कन्हैया।
लीलाधारी नटखट लल्ला,श्रीकृष्ण शेषनाग नथैया।।
एक-दूजे बिन रह न पाएँ,प्रेम पुजारन श्रीराधा रानी।
वृंदावन से दौड़े आएँ कृष्णा,अमरप्रेम कहे कहानी।।
निष्काम प्रेम राधे से करें कृष्ण,राधेे-राधे-राधे बानी।
श्रीकृष्णा प्यारी प्राण पियारी,श्रीराधा जू महारानी।।
ग्वाल बाल श्रीराधा गोपी सब,मिल कर रास रचाएँ।
निधिवन में श्रीराधिका रानी,श्रीकृष्णा रास रचाएँ।।
गोकुल में श्रीकृष्ण कन्हैया,सखा संग गऊएं चराएँ।
मुरली होंठ लगाए बंशीधर,मनमोहक धुन बजाएँ।।
बरसाना गोकुल वृंदावन मथुरा, बृज राधे राधे जपें।
श्रीकृष्ण कहें मेरे नाम से पहले,श्रीराधा नाम जपें।।
योगेश्वर श्रीकृष्णा जी श्रीहरि,विष्णु जी के अवतार।
श्रीराधा वो हैं श्रीनारायण पत्नी,श्रीलक्ष्मी अवतार।।
श्रीराधा जी का जन्म दिवस,है राधाअष्टमी हैं कहते।
सनातन धर्मी बहुत लोग ये,व्रत उपवास भी रखते।।
राधाअष्टमी की आपको मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ।
श्रीराधा अष्टमी की दिली बधाई एवं शुभकामनाएँ।।
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रचयिता :
*ज्ञान विभूषण डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*
सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता-पी.बी.कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.
(शिक्षक कवि लेखक साहित्यकार समीक्षक समाजसेवी)






