दिल की धड़कन
दिल में प्रेम जगाते चलो,
रिश्ते सभी निभाते चलो।
दुःख में साथ जो खड़ा रहे,
उसका मान बढ़ाते चलो।
टूटे दिल को प्यार से जोड़ो,
घाव सभी सहलाते चलो।
नफ़रत दिल में न पाएं,
प्रेम-दीप जलाते चलो।
धन-दौलत तो आती-जाती,
दिल से दिल मिलाते चलो।
मानवता ही सबसे सुंदर,
मानव-धर्म निभाते चलो।
दिनेश पाल सिंह ‘दिव्य’
चन्दौसी, जनपद संभल






