Shiveshwer pandey

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Exclusive articles:

कुर्सी का खेल

व्यंग्य गीतिका कुर्सी के पीछे-पीछे भागूँ, सारा जग अपना कर लूँगा। जिस दिन हाथ लग गई सत्ता, नक्शा अपना गढ़ लूँगा।   मीठे-मीठे बोल सुनाकर, मन की बातें छिपा लूँगा। वादों की...

पुस्तक के पन्नों में अपना आकाश

डाॅ.दक्षा जोशी आज जब हमारी उँगलियाँ मोबाइल की स्क्रीन पर लगातार चलतीं रहतीं हैं, तब पुस्तक के पन्ने जैसे धीरे-धीरे हमारी दिनचर्या से दूर होते...

बात 

चलो आज नया सवेरा करते हैं ख़ुशियों का आदान प्रदान करते हैं!! ज़िन्दगी से तुमको क्या मिल गया इस पर आप मेरी बात क्यों करते हैं!! मुंँह फेर...

लघु कथा  यह मेरा प्यार है 

पता नहीं दुनियां मै प्यार की क्या परिभाषा है कहते है अक्सर लोग प्यार याने रूप , यौवन और जिम्म का भोग पर जब...

मदद के हाथ

उठते मदद में हाथ जब, प्रभु होते हैं साथ तब।   मदद करे सुखी हो जीवन, तभी होता है शांत मन।   परमार्थ करो ये सभी कहें, मदद के लिए हाथ...

Breaking

आपदा पीड़ितों को राहत, मृतक परिवारों को चार-चार लाख

  महोली/सीतापुर महोली विधायक शशांक त्रिवेदी के ब्रह्मावली स्थित ठाकुरद्वारा...

अधूरी ख़्वाहिशों का उजाला

ज़िंदगी को हमेशा मुक़म्मल होने की ज़िद नहीं होती,कभी-कभी...

कुछ नालायक बेटों ने

कुछ नालायक बेटों ने बाप को विवश कर रखा है   कमाने...

ग़ज़ल 

मुझसे ज़मीर बेच के खाया नहीं गया। मज़बूर को कभी...
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