विविध

बियाह गीत 

रोअतानीं मछरिया ए भइया, पापा कइलन कन्यादान। छुटी जाई नगरिया ए भइया, हो तुहूॅं भइया अपान। धीरज धरऽ बहिनिया ए दुलरी, पापा ॲंखिया लोर। दुनिया के जवन रीतिया ए बहिनी, उठे...

झाबुआ मध्य प्रदेश आदिवासी

झाबुआ, मध्य प्रदेश आदिवास पिछड़े अंचल के साहित्य साधक डॉ रामशंकर चंचल की नई कविताएं, इंकलाब पब्लिकेशन बंबई द्वारा प्रकाशित चर्चित महा ग्रंथ अब...

दोहे में गणेश चतुर्थी का महापर्व

प्रथम काम आरंभ में , करूँ विनायक याद।   होय सफल तब कार्य सब, विघ्न न आते बाद।       किसी कर्म शुरुवात में , लूँ गणपति का नाम...

आज मानव की मानवता थम गई है

आज मानव की मानवता थम गई है विधा।। गीत आज मानव की मानवता थम गई है। संवेदनाओं की बहती धारा जम गई है।। ** घर उनका बड़ा और भव्य...

आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ

आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ के डॉ रामशंकर चंचल, आज देश और दुनिया में छाया अद्भुत नाम     आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ जैसे स्थान पर दस्तक देते...

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