इलाहाबाद में संगम करतीं गंगा,
यमुना सरस्वती।
अयोध्या के पावन धाम को
सरयू नदी पखारती।
घाघरा, गंडक, कोसी
और गोमती निर्मल नदियाँ।
प्रकृति ने इस धरती को कितना अनुपम उपहार...
भारत पे जो आँख उठाए,
दुश्मन तेरी खैर नहीं।
मातृभूमि पर रहे समर्पित,
उससे कोई बैर नहीं।।
भारत माँ की पावन माटी,
हमको प्राणों से प्यारी है।
शीश झुके न...