काफिया:आनी
रदीफ:चाहिए
राष्ट्र भाषा देश हित हिंदी सजानी चाहिए।
हर दिलों में प्रेम की धारा बहानी चाहिए।
शब्द मीठे हैं सभी वाणी मनोहर संदली,
माॅं समान अमूल्य हिंदी है बतानी चाहिए।
शारदे माॅं की कृपा हो भाव वाणी में भरें,
जोड़ती है सब दिलों को प्रेम वानी चाहिए।
हम सभी अच्छी करें प्रिय बात हिंदी में सदा,
खुश रहें महका करे हम रातरानी चाहिए।
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सुमन भी है लिख रही हिंदी सदा आगे बढ़े,
कामना हिंदी खिले आवाज आनी चाहिए।
स्वरचित
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार






