निज भाषा का मान है हिंदी।
हम सब की पहचान है हिंदी।
सुंदर ,सरल, सुबोध है हिंदी।
प्यारी राज दुलारी है हिंदी
हो कबीर के सबद और साखी।
या मीरा के प्यारे प्यारे पद।
अधरों से जो अमृत बरसाती।
संस्कारी है हमारी हिंदी।
उत्तर हो या हो पूर्व पश्चिम।
जोड़े सबको हमारी है हिंदी।
हमें गर्व अपनी भाषा पर।
भारत की शान है हिंदी।
अगर मिटी जो हमारी हिंदी।
अस्तित्व नहीं रहा बिन हिंदी।
गौरवमयी वंदनीय हमारी हिंदी
हमारी प्यारी भाषा है हिंदी।
मीना तिवारी
पुणे






