लाल बहादुर शास्त्री जी

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लाल बहादुर शास्त्री जी जन्मे 2 अक्टूबर 1904 को , भारत माता के लाल ।

पिता थे शिक्षक, गरीबी में पढे़, पिता का हुआ देहांत, ननिहाल में बने देश के नौनिहाल ।

मुगलसराय, बनारस उत्तर प्रदेश जन्म स्थान ,पवित्रता ,सादगी में बने मिशाल ।

उपनाम था श्रीवास्तव ,काशी से पढ़कर शास्त्री उपाधि पाई, अपनाया उपनाम ‘शास्त्री’ हृदय विशाल।

17 वर्ष की आयु से स्वाधीनता संग्राम में गांधी जी के साथ जुड़े, किया कमाल ।

कई बार गए जेल ,देश की आजादी में कार्य किए बेमिसाल ।

देश आजाद हुआ तब रेल मंत्री बने, प्रधानमंत्री नेहरू के बाद ,

,द्वितीय प्रधानमंत्री बने ,शास्त्री जी थे बेमिसाल।

वे अपना पूरा वेतन भी नहीं लेते थे, न बनाया भवन खुद का ,न हुए मालामाल।

देश में अनाज की कमी पर श्वेत क्रांति का किया आगाज ,

1965 में पाकिस्तान को दिलाई करारी हार, किया कमाल।

कहलाए भारत माता के सच्चे लाल, नारा दिया

‘जय जवान जय किसान’ देश के दुश्मनों का तोड़ा जाल।

ताशकंद समझौते के लिए गए रुस, अंतरराष्ट्रीय दबाव में किए हस्ताक्षर, तनाव में हुआ हृदयाघात, मृत्यु हुई अकाल ।

उनके निधन पर देश के रो-रो के हुए बुरे हाल ।

पर उनकी मृत्यु रही रहस्यमयी, देश को है आज भी मलाल ।

उनके प्रधानमंत्री रहते हर क्षेत्र में हुई प्रगति, देश बना खुशहाल।

ऐसे आदर्श प्रधानमंत्री की जन्म जयंती पर कोटि-कोटि नमन,

अर्पित श्रद्धा सुमन, वो थे भारत माता के सच्चे लाल।

रचयिता

डॉक्टर शशिकला अवस्थी इंदौर मध्य प्रदेश

रचना स्वरचित और मौलिक है।

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