महोली, सीतापुर। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर व्यवस्थाओं के नाम पर खानापूर्ति दिखाई दे रही है। कई केंद्रों के भवनों के बाहर आकर्षक पेंटिंग तो नजर आती है, लेकिन अंदर की स्थिति कुछ और ही है।
बरसात के दौरान कई केंद्रों के पानी की टपकता है
उदाहरण के तौर पर कटीली में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति देखी जा सकती है। यह समस्या अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों में देखने को मिल रही है। हाल ही में विभाग द्वारा महोली क्षेत्र के 175 आंगनबाड़ी केंद्रों पर तीन-तीन हजार रुपये की धनराशि भेजी गई थी, जिससे जिन केंद्रों के भवन बने हुए हैं, वहां रंगाई-पुताई का कार्य कराया जा सके।
धनराशि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खातों में पहुंचने के बाद अब सवाल उठ रहा है कि इस राशि का कितना सही तरीके से उपयोग किया जाता है। इसकी हकीकत जांच के बाद ही सामने आएगी कि भवन वाले कितने केंद्रों पर वास्तव में रंगाई-पुताई का कार्य कराया गया है। वहीं, जिन केंद्रों के भवन ही नहीं बने हैं, वहां इस धनराशि का उपयोग किस प्रकार किया जाएगा, यह भी विभाग के लिए विचारणीय विषय है।
ऐसे में विभाग को मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति और धनराशि के उपयोग की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता है।






