2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती पर.
सत्य और अहिंसा का दीप जलाया,
बापू ने भारत को आजाद कराया।
साबरमती का संत अनोखा आया था,
सदा हो जीवन उच्च विचार सिखाया।
हाथों में लाठी और तन पर धोती धार कर,
संदेश सादगी और अमन का पाठ पढ़ाया।
साबरमती का संत अनोखा प्यारा था,
सबको गले लगा कर हंसना सिखाया।
चरखा चलाकर सबको यह पाठ पढ़ाया,
स्वदेशी अपनाकर फिर देश बचाया।
हे राष्ट्रपिता बापू तुम्हे लाखों है प्रणाम,
रोते हुए को तुमने हंसना सिखाया।
सत्य की राह पर चले सब यही सपना था,
आकाश लिखेगा एहसास तूने जो कराया।
पंडित मुल्क राज “आकाश”






