गुड़ मार्निंग सर
कितना टाइम हुआ
ब्रेक फास्ट कर लिया
नाइट लेट सोया
नींद नही खुली
चलो बाय
फिर मिलते हैं
टाइम से ऑफिस जाना है
कल भी लेट हो गया था
ठीक ओके
यह है हिन्दी भाषा की
सुबह
ये अक्सर वे लोग हैं
जो शाम को
हिन्दी दिवस पर
आयोजित कार्यक्रम में
हिन्दी भाषा के समर्थन में
विकास और उन्नत की बात करेंगे
दूसरे दिन
पेपर में अपना
चित्र तलाश करेंगे
कैसे संभव है साहब
हिंदी का विकास
राम ही जाने
कब तक यूं ही
चलता रहेगा
और मेरी हिन्दी
असहाय सी
अपने हक का
इंतजार करती रहेगी
प्रणाम हिंदी, सत् सत् प्रणाम
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश






