हे गणनायक जय गणेश !
गणेश चतुर्थी आज है आयी
उत्साह , उमंग संग है लायी
पंडाल -घरों में प्रतिमा सजाके
प्रथम पूजन भक्तजन करते ।
मंगल कार्य तुम्ही हो करवाते !
विघ्नहर्ता तुम हो कहलाते
सब संकटों से पार कराके
मनोकामनाएँ पूरन करते ।
बुद्धि , विवेक , ज्ञान प्रदाता
हो तुम शक्ति , ऊर्जा के दाता
हर कोई तेरी शरण में आके
श्रद्धानत हो कर वंदन करते ।
माता -पिता को पूज्य माना
कर्तव्यनिष्ठा को तुमने जाना
जड़ – जड़ताओं को दूर भगाके
जग में प्रेम ,मैत्री , अमन करते ।
ग्लोबलवार्मिंग की सूरत बदलने
पर्यावरण की रक्षा के लिए
इको – फ्रेंडली गणेश बनाके
नदी, सागर में विसर्जन करते ।
डॉ . मंजु गुप्ता






