यादों का कारवां हमेशा मेरे साथ चलता रहता है,
बीता हुआ हर लम्हा मेरे दिल में पलता रहता है।
वक्त के साथ साथ कुछ चेहरे धुंधले से होते गए,
और कुछ चेहरे हमेशा के लिए मेरे दिल में रह गए।
कभी बचपन की गलियां कभी मां की ममता,
बचपन के दिन आंगन हंसी पर समय कभी नहीं थमता।
कुछ रिश्ते मिले कुछ बिछड़े कुछ खुद दूर होते गए,
मौसम बदले फूल कांटे मिले हम चुपचाप सब देखते गए।
जब भी यादें दस्तक देती है दिल की खिड़की खुल जाती है,
मन कहता है सब कुछ है बस जिंदगी आगे चली जाती है।
न जाने कहां तक यादों का कारवां मेरे साथ जाएगा,
जब तक धड़कन रहेगी यह सफर यूं ही कटता जाएगा।
सौ, भावना मोहन विधानी ✍️
अमरावती महाराष्ट्र।






