विविध

रिमझिम सी कोई बात लिखों

कभी खुशी कभी गम के अफसाने लिखो, मन मे दबे प्यार के कुछ फंसाने लिखो।   कुछ गिले-शिकवे को शब्दों में सहेज के लिखो, बिछड़ा यार मिल...

विज्ञान से साहित्य की ओर

विज्ञान तर्कों की कसौटी पर, जग का सत्य परखता है, साहित्य मन की गहराई में, मौन भाव को पढ़ता है।   विज्ञान कहे -व्यावहारिक प्रयोग, प्रमाणों का...

कब_क्यूँ_और_कहाँ

जिंदगी उलझ कर रह गई है इन तीन शब्दों के ताने और बाने में, जो हर समय पीछा करते रहते हैं हमारा, कब -क्यूँ और....कहाँ...? किस -किस को...

जुलाई 2014. कैलेंडर की यह तारीख मेरे

जुलाई 2014. कैलेंडर की यह तारीख मेरे जीवन में एक नया अध्याय लिखने वाली थी। पंचायती राज व्यवस्था के तहत मेरा नियोजन प्राथमिक विद्यालय...

विषय जीवन तो चलता रहता है।

धूप छांव की लेकर छाया। उपनामों की लेकर माया। चेतन और अवचेतन मन से। जीवन तो चलता रहता है।   तन मन के वाहन लेकर। मान और अपमानो को सह। मंजिल...

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