गणपति आओ मेरे अंगना, मंगल-ज्योति जगाने को,
गणनायक, गणराज, गजानन, भाग्य-कलश छलकाने को।
वक्रतुण्ड, एकदंत, लंबोदर, विघ्न सभी हर लेना,
विनायक, विघ्नहर्ता, सिद्धिविनायक, शुभता से घर भर देना।
गौरीसुत, उमापुत्र, शिवनंदन, करुणा-छाया करना,
स्कंदाग्रज, महागणपति, जीवन-पथ आलोकित करना।
सुमुख, कपिल, भालचंद्र, ज्ञान-सुधा बरसाना,
गजवक्त्र, धूम्रकेतु, अज्ञान-तम मिटाना।
हेरम्ब, मंगलमूर्ति, हर मंगल मेरे घर करना,
प्रथमेश्वर, अग्रपूज्य, हर शुभ कार्य सफल करना।
रिद्धि-सिद्धि संग पधारो, समृद्धि के दीप जलाना,
मेरे आँगन की हर साँस में, प्रभु अपना प्रेम बसाना।
माता-पिता के चरणों में, सुख का सागर भर देना,
मेरे प्रियजनों के जीवन से, हर संताप विदा कर देना।
द्वैमातुर, वरद, सिद्धिदाता, मनवांछित वर देना,
हे बुद्धिप्रिय, बुद्धिनाथ, सद्बुद्धि का अमृत देना।
ॐकारस्वरूप, प्रथमदेव, मेरी विनती स्वीकार करो,
हे गणाधिप, गणाध्यक्ष, जीवन को शुभ-साकार करो।
जहाँ तुम्हारा नाम उच्चरित हो, वहाँ विघ्न कभी न ठहरे,
हे श्रीगणेश, तुम्हारी कृपा से, मेरे घर में सुख ही सुख ठहरे।
नीलचित्रा व्यास (चित्रलेखा व्यास)
कानोड़, उदयपुर (राजस्थान)






