बो जाता मधुमास चमन में 

Date:

तेरा आना खास चमन में

 

फिर उभरे हैं मनस पट पर

सुधियों के निर्यास,

बादल बिजुरी बरसातों मे प्रियता के अनुप्रास।

पुष्पित होते नव-नव फूल भरते हैं उल्लास नयन में।

तेरा आना खास चमन मे।

 

हाथ तेरा मेरे हाथों में महकी. महकी श्वांस श्वांस है,

नैनो से सावन की लड़ियाँ झरती खुशियाँ साथ-साथ हैं।

अधरों के तेरे एक स्मित मिटा गये संत्रास थे पल में.

तेरा आना खास चमन में।

 

बूंदों ने छू कर मिट्टी को हरियाली की चुनर ओढा दी,

झूम रहे बाजरे खेत में गीत बादलों ने क्या गा दी.

पानी पा पल्लवित हो रहे पुष्पित सारे ख्वाब ही मन मे।

तेरा आना खास चमन में।

 

बो देता जब बीज किसान आँखों में कुछ सपने साज,

कान लगे रहते सुनने को बादल की गड़गड़ आवाज,

जब बरसे बादल झर.झर खिल जात मन बाग नयन में.

तेरा आना खास चमन में।

 

संगीता शिवपुरी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img

लेटेस्ट खबरें

गांव-समाज की खबरें
Related

स्वच्छता अभियान की हकीकत: दीवारों पर स्लोगन, जमीन पर गंदगी का अंबार

  महोली के मेला ग्राउंड में गंदगी से लोग परेशान,...

मन फिर भी रोता है

चलते-चलते थक जाता है कभी-कभी इंसान, कंधों पर संसार लिए फिर ढोता...

दुआओं में बहुत शक्ति होती है

दुआओं में बहुत शक्ति होती है, जो किसी के लिये...