कभी पढ़ी है तुमने रामायण
चरित्र ही है सच्चा धन,
जीवन में हैं सबसे संस्कार बढ़े
सुलझे उसके जीवन की प्रत्येक समस्या,
जो रामचरित मानस को रोज पड़े।
कर्तव्य अधिकार से ऊपर हैं,
कर्तव्य अपने पूर्ण करें,
जीवन सफल हो जाएगा उसका,
लेने से ज्यादा प्रत्येक वस्तु देने पर जो ध्यान धरे।
प्रत्येक चरित्र मनभावन है
त्याग राम सा,सेवा हनुमत सी,भरत शत्रुघ्न सा भातृ प्रेम, प्रत्येक चरित्र परिपूर्ण है,
अनमोल मोती रामायण से ग्रहण करें।
मधु वशिष्ठ फरीदाबाद हरियाणा।






