कि रचनाओं का अंग्रेजी में, अनुवाद हुआ, डॉ रामशंकर चंचल*
हिन्दी भाषा यूं नहीं हैं साहब , यूं ही होती तो गोस्वामी तुलसीदास जी की
रामचरित्र मानस का विश्व की सैकड़ों भाषा में अनुवाद नहीं होता, हिन्दी मेरे देश की शान है आन है और गौरव है, जिसने इस बात को दिल में विराजमान कर लिया , समझे जीवन सार्थक कर गया
यह हिंदी भाषा के प्रति समर्पण लगन साधना तपस्या और आत्मा विश्वास था मेरा कि, आज सम्पूर्ण विश्व पटल पर दस्तक देती हुई छाई हुई है मेरी अंग्रेजी अनुवाद डॉ पुलकिता आनंद द्वारा किया गया सार्थक प्रेरणा स्त्रोत कृति आदिवासी जन जीवन कृति अंग्रेजी अनुवाद लघु कथाएं जिसमें समाहित आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ जिले के आदिवासी पिछड़े अंचल झाबुआ की काली नेशनल अवॉर्ड फिल्म के साथ अन्य कथाएं हैं जो आज सम्पूर्ण विश्व में साहित्य गजत में चर्चा बनी हुई झाबुआ जिले का नाम विश्व स्तर पर दस्तक देता हुआ छाया है, यह कोई मामूली बात नहीं है एक ऐसा इतिहास रचा है मेरी हिन्दी भाषा के सहज सरल सजीव जीवंत लेखन ने जो सम्पूर्ण विश्व पटल पर छाया है
मुझे गर्व है मेरी आत्मा मेरी भाषा हिन्दी पर जिसने मुझ जैसे नाचीज़ को आज जीवंत रखते हुए इतना नाम शोहरत धन प्रसिद्धि मिली जो सचमुच आज सैकड़ों लोगों की ईर्ष्या बन गई और लाखों लोगों की अद्भुत चाह बन गई हैं, यह सब कुछ ईश्वर कृपा से हिन्दी भाषा में लेखन की साधना तपस्या का सुखद अहसास है जो, व्यक्ति,अपने जीवन में पा कर जीवन सार्थक धन्य कर जाती हैं
यह एक जीवंत उदाहरण है जो हिन्दी भाषा के महत्व को अस्तित्व को साबित करता हुआ है और प्रेरणा स्त्रोत है आनेवाले युवा पीढ़ी के लिए हिन्दी भाषा के समर्थन में, उसके महत्व को अस्तित्व को समझने में सक्षम
समझती दुनियां है हिन्दी भाषा का गौरव महत्व तभी तो रचनाओं का अंग्रेजी में अनुवाद किया जाता है और अन्य भाषा में भी
अपनी अद्भुत सुखद भाषा को, अपने देश के गौरव हिन्दी भाषा को समझना होगा और जीवन में, हिन्दी के महत्व को अस्तित्व को लेकर चलते हुए जीवन पर्यन्त तक निष्ठा समर्पण और आस्था विश्वास रखना होगा तभी कुछ सार्थकता मिल सकती है और जीवन ऊर्जा भी
धन्य हैं जीवन, प्रणाम उस ईश्वर को जिसने मुझे भारत देश में जन्म दिया और जीवन सार्थक किया
डॉ रामशंकर चंचल
झाबुआ मध्य प्रदेश






