काफिया:आनी
रदीफ:चाहिए
राष्ट्र भाषा देश हित हिंदी सजानी चाहिए।
हर दिलों में प्रेम की धारा बहानी चाहिए।
शब्द मीठे हैं सभी वाणी मनोहर संदली,
माॅं समान अमूल्य हिंदी है...
परोपकार का दीप जलाऍं,
तिमिर घनेरे दूर भगाऍं।
जीवन में खुशियाँ भर दो,
सुप्त मन में सुमन खिलाफ।
परोपकार का दीप प्रज्ज्वलित
करते जाना।
जग को देना सदा उजाला प्रेम...