विविध

भीड़ में जीता हुआ इंसान

भीड़ बहुत है चारों ओर, फिर भी मन क्यों तन्हा है? कंधों पर ढेरों जिम्मेदारियां, दिल कितना नन्हा है?   तुलना की इस दौड़ में देखो, किसी को सफलता मान...

गजल 

काफिया:आनी रदीफ:चाहिए राष्ट्र भाषा देश हित हिंदी सजानी चाहिए। हर दिलों में प्रेम की धारा बहानी चाहिए।   शब्द मीठे हैं सभी वाणी मनोहर संदली, माॅं समान अमूल्य हिंदी है...

 हिंदी भारत की जन भाषा

हिंदी भारत की जन भाषा, वर्ण -वर्ण है पुष्प समान‌। अक्षर - अक्षर में खुशबू है, सिंध नाम से हिंदुस्तान।‌।   मीठी- मीठी हिंदी भाषा, जोड़ रही...

परोपकार का दीप जलाऍं, तिमिर घनेरे दूर भगाऍं। जीवन में खुशियाँ भर दो, सुप्त मन में सुमन खिलाफ।   परोपकार का दीप प्रज्ज्वलित करते जाना। जग को देना सदा उजाला प्रेम...

सालों बाद फिल्म देखी हनुमान

अंशी, सुकून महसूस हुआ सालों बाद फिल्म देखने गया था, सोचा हनुमान जी पर केंद्रित है, बैठ सकता हूं इतनी देर टॉकीज में और वही हुआ,...

Popular

Subscribe

spot_imgspot_img