डॉ पुलकिता सिंह आनंद और रंजीता निनामा ने अंग्रेजी अनुवाद किया डॉ रामशंकर चंचल की रचनाओं को अनुवाद
मध्य प्रदेश आदिवासी जिले झाबुआ में साहित्य जगत में ख्यातीप्राप्त डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ की रचनाओं का अनेक अनेक भाषाओं में देश और विश्व की अनुवाद हुआ यह है सहज सरल हिन्दी भाषा का अस्तित्व महत्व जिसने अन्य भाषाओं में अनुवाद के लिए अनुवादों को विवश कर दिया
तमिल, सिंधी, गुजराती, मराठी
बंगला, भोजपुरी, भीली आदि आदि भाषाओं के साथ विश्व की कुछ भाषाओं में अनुवाद भी हुआ
महत्वपूर्ण यह है कि डॉ पुलकिता सिंह आनंद उज्जैन कॉलेज प्राचार्य पद पर दस्तक देती है जिन्होंने डॉ रामशंकर चंचल की आदिवासी लघु कथाओं का अंग्रेजी अनुवाद किया ओर देश के ख्यातीप्राप्त प्रकाशक नई दिल्ली से उसका प्रकाशन हुआ जो सारे देश और दुनिया में दस्तक देती अमेज़न पर उपलब्ध हैं
वहीं ख्याति प्राप्त रंजीता निनामा जी जो झाबुआ एयर होस्टेस के साथ आज गिनीज़ बुक में दस्तक देती अपनी कशीदे की बेमिसाल
कीर्ति लिए हैं उन्होंने भी हिंदी कविता का अंग्रेजी अनुवाद किया
आज डॉ पुलकिता सिंह आनंद द्वारा काली फिल्म का अंग्रेजी अनुवाद और रंजीता निनामा जी का कविता अनुवाद दोनों ही यूं ट्यूब पर दस्तक दे वीडियो आठ दस हजारों हस्तियां द्वारा सराही गया और बधाई दी गई सारी दुनिया से
सचमुच धन्य हिन्दी भाषा जिसने सारे देश और दुनिया को अपनी गरिमा मय भाषा शैली से सहज सरल भाषा से प्रभावित किया है
वंदनीय है परम् आदरणीय डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ आदिवासी पिछड़े अंचल में रहते हुए आज हिंदी भाषा को विश्व पटल पर दस्तक देने का अद्भुत अद्भुत नेक कार्य किया है






