विविध

ग़ज़ल होती है

ख़्वाबों की पनाहों में ग़ज़ल होती है, किए वादों के गुनाहों में ग़ज़ल होती है। मिटें जो मुल़्क में चैनो-अमन लाने के लिए, उनकी हसरत भरी आहों...

गुरुमंत्र दीक्षा-ईश समर्पण

सतगुरु से गुरुमंत्र लिए बिन,व्यर्थ ही होता तीरथ। गुरुवर से दीक्षा लेकर,चढ़ें धर्म यात्रा का वो रथ।।   शिक्षा-दीक्षा द्वय है जरुरी,गुरु-सतगुरु-आशीर्वाद। गुरुदीक्षा विहीन मनवा,चले न ये जीवन...

प्रकाशन हेतु- हिन्दी दिवस

भारत माता के वंदन में, गीत नया गाएँ हम सब! हिन्दी के पावन आँगन में, दीप जलाएँ हम सब!!   तुलसी-कबीर, सूर की वाणी, जिसमें अमृत रस घोले। मीरा के भजनों...

बेटी पढ़ेगी तो घर बढ़ेगा

बेटी को भी सपने देखने दो, उसके सपनों को सच होने दो। क्यों रोको उसके कदमों को, क्यों बाँधो उसकी उड़ानों को। उसके हाथों में कलम सजने दो, उसकी...

प्रकाशन हेतु रचना प्रेषित

निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा ज्ञान के,मिटे न हिय को शूल, आज तलक मिल सका न,हिंदी को वह मान, सदियों से...

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